एसआई अरुण सिंह पर मारपीट का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

नालंदा जिले में पुलिस की कथित ज्यादती के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने मंगलवार की रात बिहार शरीफ-बख्तियारपुर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। भागन बीघा ओपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगने के बाद बबुरबन्ना के पास करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।

घटनाक्रम की जानकारी

यह विवाद 30 सितंबर को हुई एक सड़क दुर्घटना से शुरू हुआ। बबुरबन्ना के वार्ड नंबर 2 की निवासी कांति देवी एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। मोटरसाइकिल के चालक निरंजन पासवान ने भीड़ जमा होने पर इलाज के खर्च का भुगतान करने की बात स्वीकार की थी।

हालांकि, अगले दिन जब कांति देवी का पुत्र शंकर कुमार पैसों की मांग करने गया, तो स्थिति बिगड़ गई। निरंजन पासवान और उनके साथियों ने कथित तौर पर शंकर कुमार के साथ मारपीट की, जिससे उसका सिर फट गया।

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और निरंजन के एक साथी धीरज को हिरासत में ले लिया, जबकि घायल शंकर को रहुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

स्थानीय बाबुर्बन्ना वार्ड नंबर 2 प्रतिनिधि संतोष कुमार के हस्तक्षेप के बावजूद, जब शंकर का परिवार भागन बीघा ओपी पहुंचा, तो उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट एवं दुर्व्यवहार किया गया। परिजनों का आरोप है कि पुरुष पुलिसकर्मियों एस आई अरुण सिंह ने महिलाओं और बच्ची के साथ भी मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।

प्रशासन का रुख

सदर डीएसपी 2 संजय कुमार जायसवाल ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा की दुर्घटना को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस पर लगे मारपीट के आरोपों की जांच की जा रही है।

लगभग दो घंटे के विरोध प्रदर्शन के बीच भागन बीघा और रहुई थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।

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